गुरुवार, 18 मार्च 2010

चंदेरी एक अहसास

मेरी पहली कोशिश चंदेरी एक छोटी सी दुनिया को आप सभी ने काफी सराहा इस के लिए शुक्रिया। आप सभी जानना चाहते है की चंदेरी कहाँ है ये मध्य प्रदेश और उतार प्रदेश के बोर्डर पर स्थित एक छोटा सा शहर है। अगर इस बारे में ज्यादा जानकारी चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट www.chanderi.net
पर देख सकते है। वैसे यहाँ आकर ही यहाँ की संस्कृत और सभ्यता को समझा जा सकता है । में आप सभी को अपने शहर आने का निमंत्रण देती हूँ । यहाँ आने का सही वक़्त अक्टूबर से लेकर मार्च तक रहता है । वैसे बारिश में भी ये जगह अद्भुत खुबसूरत नज़र आती है । पहाडो से गिरते झरने और उनकी कल कल करती आवाज़ मन मोह लेती है। चारो तरफ फैली हरियाली आपको अपनी और खींच लेती है। यहाँ आकर आप हिदुस्तान को करीब से जान सकते है क्यूंकि यहाँ कठिन हालत में भी आपको मुस्कुराते चेहरे मिल जायेंगे । सारा दिन बुनाई का काम करते है और रात को गली के नुक्कड़ पर बैठ कर बड़े बड़े मसलो को हंसी में उड़ाते लोग मिल जायेंगे। ऐसे लोग जिनकी बनाई गई साड़ियो की कीमत उनकी ज़िन्दगी भर की कमाई से भी ज्यादा होती है। उनको तो पता भी नहीं होता की उनकी बनाई गई साड़ी की कीमत उस शो रूम में जाकर क्या होगी जिसके अन्दर जाने की वो हिम्मत भी नहीं कर सकते । वैसे हमारे शहर में सभी के पास काम है । सभी के पास कम से काएक हुनर तो है जो उन्हें उम्मीद दिलाता है की उनके बच्चे कभी भूके नहीं सोयेंगे यही सबसे बड़ी वजह है की वो ज्यादा की ख्वाहिश नहीं करते वो सुखी है की उनके बच्चो को दो वक़्त की रोटी तो नसीब हो रही है। पर क्या सिर्फ यही है ज़िन्दगी जीने का सही ढंग । पर यहाँ के सेठ लोग जानते है की जिस दिन इन मजदूरों को उनके अधिकारों का ज्ञान हो गया उस दिन उनकी दूकान बंद हो जायेगी। वो कभी नहीं चाहते की ये लोग आगे बड़े। पर ये प्रयास हम सभी को करना चाहिए । हम सब की छोटी से छोटी कोशिश भी बेकार नहीं जायेगी। आज के बाद जब कभी भी चंदेरी सिल्क की साड़ी देखे तो एक बार उस कारीगर के बारे में ज़रूर सोचे जिसने दिन रात खुद की जला कर उस साड़ी को बनाया होगा। बाक़ी बाते अगली बार अभी बहुत कुछ है बताने के लिए.....................
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